बस्तर दशहरा (जगदलपुर)
विश्व का सबसे लंबा 75-दिवसीय जनजातीय पर्व व काष्ठ रथ उत्सव
28 राज्यों व 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 220+ प्रामाणिक उत्सव — 75-दिवसीय बस्तर दशहरा से लेकर कामाख्या के अंबुबाची, छठ महापर्व, नागालैंड के हॉर्नबिल और केरल के त्रिशूर पूरम तक की सांस्कृतिक यात्रा।
विश्व का सबसे लंबा 75-दिवसीय जनजातीय पर्व व काष्ठ रथ उत्सव
मां कामाख्या का पावन रजस्वला महापर्व व तांत्रिक समागम
लोक आस्था का 4-दिवसीय महापर्व: अस्ताचल व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य
महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की विश्वप्रसिद्ध मौसी बाड़ी यात्रा
300+ पहाड़ी देवी-देवताओं का ढालपुर मैदान में महामिलन व रथयात्रा
17 नागा जनजातियों का महाकुंभ: युद्ध नृत्य, मोरुंग व संगीत
ब्रह्मा मंदिर सरोवर में महास्नान, मरुस्थलीय पशु मेला व महाआरती
30 स्वर्णमंडित हाथी, इलंजितरा मेलम, कुडामट्टम व महा आतिशबाजी
भील-भिलाला आदिवासियों का वसंतकालीन रंगोत्सव व प्रणय पर्व
गुरु पद्मसंभव जयंती पर लामाओं का पवित्र मुखौटा नृत्य (छाम)
धोरडो के नमक मरुस्थल में पूर्णिमा दर्शन, टेंट सिटी व कच्छी संस्कृति
असमिया नववर्ष, वसंत का स्वागत व बिहू नृत्य
भारत के चारों भौगोलिक अंचलों के सभी राज्यों में मनाए जाने वाले पारंपरिक उत्सवों की संपूर्ण सूची।