ब्रह्म सरोवर एवं सन्निहित सरोवर, कुरुक्षेत्र
एशिया का विशालतम मानव-निर्मित पक्का सरोवर, सूर्यग्रहण स्नान का महातीर्थ, भगवान ब्रह्मा द्वारा सृष्टि रचना स्थली और भव्य गीता जयंती समारोह।
महाभारत के धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए अमर श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश, सरस्वती नदी की प्राचीन धारा, 5,000 वर्ष पुरानी राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता और आधुनिक भारत के खेल पदकों का सिरमौर राज्य।
एशिया का विशालतम मानव-निर्मित पक्का सरोवर, सूर्यग्रहण स्नान का महातीर्थ, भगवान ब्रह्मा द्वारा सृष्टि रचना स्थली और भव्य गीता जयंती समारोह।
वह पावन स्थल जहाँ अक्षय वट वृक्ष के नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को मोहमुक्त करने के लिए कालजयी श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान दिया था।
17वीं सदी में नवाब फिदई खान द्वारा निर्मित सीढ़ीदार चारबाग मुगल उद्यान, बहते फव्वारे, शीश महल, जल महल और वार्षिक आम महोत्सव।
रामसर आर्द्रभूमि स्थल, सर्दियों में मध्य एशिया और साइबेरिया से आने वाले 250+ प्रवासी पक्षियों (फ्लेमिंगो, साइबेरियन क्रेन) का बसेरा।
10वीं सदी में तोमर राजा सूरजपाल द्वारा निर्मित सूर्य कुंड और प्रतिवर्ष फरवरी में लगने वाला विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला।
सिन्धु-सरस्वती सभ्यता का विशालतम पुरातात्विक स्थल (350+ हेक्टेयर), 5,000 वर्ष प्राचीन नगर नियोजन, आभूषण कार्यशालाएं और डीएनए शोध केंद्र।
हरियाणा की भूमि विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं की साक्षी रही है। राखीगढ़ी और कुणाल के उत्खननों ने प्रमाणित किया है कि सरस्वती नदी के कछार में उन्नत नगर सभ्यता विकसित थी। महाभारत का 18 दिवसीय धर्मयुद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया। मध्यकाल में पानीपत के तीन निर्णायक युद्धों (1526, 1556 और 1761) ने भारत के राजनीतिक भाग्य का फैसला किया। 1857 में राव तुलाराम ने रेवाड़ी में अंग्रेजों को भीषण टक्कर दी। 1 नवंबर 1966 को हरियाणा पृथक राज्य बना।
हरियाणा का अधिकांश भूभाग उपजाऊ घग्गर-यमुना जलोढ़ मैदान है। उत्तर-पूर्व में शिवालिक पर्वत शृंखलाएं (मोरनी हिल्स) और दक्षिण-पश्चिम में राजस्थान से सटी अरावली की शुष्क पहाड़ियाँ (धोसी की पहाड़ी) स्थित हैं। यमुना नदी राज्य की पूर्वी सीमा बनाती है। कालेसर राष्ट्रीय उद्यान घने साल वनों और तेंदुओं का घर है, जबकि मोरनी हिल्स में टिकरताल झील प्रकृति का सुंदर केंद्र है।
हरियाणा की संस्कृति में सादगी, परिश्रम और लोक गायन (रागिनी व सांग) की प्रधानता है। सांग और स्वांग परंपरा यहाँ का शास्त्रीय लोक रंगमंच है। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला वैश्विक हस्तशिल्प का महाकुंभ है। भोजन में 'दूध-दही का खाना' प्रसिद्ध है—बाजरे की खिचड़ी, कढ़ी-पकौड़ा, कच्चा लस्सी, बाजरा रोटी के साथ ताजा सफेद मक्खन (टिंडी घी) और चूरमा यहाँ की पारंपरिक खुराक हैं।
हरियाणा की यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अनुकूल है। कुरुक्षेत्र में प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष मास में आयोजित होने वाला 'अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव' दार्शनिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अद्भुत होता है। दिल्ली से मुरथल (सोनीपत) के ढाबों पर परांठे खाने का रोड ट्रिप युवाओं में अत्यंत लोकप्रिय है।
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा एकादशी) को श्रीमद्भगवद्गीता की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता उपदेश दिया था। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में लाखों विद्वान व श्रद्धालु आते हैं।
हिसार जिले की राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा नगर सिद्ध हुआ है, जो मोहनजोदड़ो से भी बड़ा है। यहाँ मिले 5,000 वर्ष पुराने कंकालों के डीएनए विश्लेषण ने भारतीय उपमहाद्वीप के स्वदेशी सभ्यता उद्भव को प्रमाणित किया है।
पंचकूला जिले में स्थित 'मोरनी हिल्स' (Morni Hills) हरियाणा का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल है। यहाँ की करोह चोटी (1,467 मी) राज्य का सबसे ऊंचा शिखर है और टिकरताल में नौकायन की सुविधा उपलब्ध है।
1893 में स्थापित रेवाड़ी लोको शेड भारत का एकमात्र जीवित भाप इंजन (Steam Engine) शेड है जहाँ 1855 ई. की विश्व की सबसे पुरानी कार्यरत भाप रेलगाड़ी 'फेयरी क्वीन' (Fairy Queen) सहित कई ऐतिहासिक इंजन संरक्षित हैं।