अरब सागर का मूंगा द्वीप समूह, फिरोजी लैगून एवं प्रवाल भित्तियां

लक्षद्वीप: बंगाराम लैगून, अगत्ती कोरल रीफ, मिनिकॉय लाइटहाउस एवं स्कूबा डाइविंग का ज्ञानकोश

अरब सागर में बिखरे 36 मूंगा (कोरल) द्वीपों का फिरोजी स्वर्ग, दूधिया सफेद रेत के किनारे, पारदर्शी लैगून में तैरती रंग-बिरंगी उष्णकटिबंधीय मछलियां, नारियल के सघन उपवन और मिनिकॉय की मालदीवी संस्कृति से सज्जित लक्षद्वीप भारत का सबसे विस्मयकारी समुद्री द्वीप समूह है।

लक्षद्वीप: एक दृष्टि में
राजधानी
कवरत्ती
प्रशासनिक क्षेत्र
1 जिला (10 आबाद द्वीप, 17 निर्जन द्वीप एवं 4 जलमग्न चट्टानें)
प्रमुख नदियां
कोई नदी नहीं (सभी प्रवाल एटोल)
सर्वोच्च शिखर / पहचान
समुद्र तल से औसतन 1-2 मीटर ऊंचाई
विश्व धरोहर / प्रमुख पहचान
मूंगा प्रवाल भित्ति संरक्षण क्षेत्र
भ्रमण का सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मई (शांत समुद्र, उत्कृष्ट दृश्यता एवं वाटर स्पोर्ट्स)

शीर्ष आकर्षण एवं प्रमुख यात्रा परिपथ

बंगाराम बंगाराम द्वीप एवं टीयरड्रॉप लैगून, बंगाराम

बंगाराम द्वीप एवं टीयरड्रॉप लैगून, बंगाराम

अश्रु की बूंद के आकार का निर्जन द्वीप, जहाँ चारों ओर उथला फिरोजी लैगून है, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का शीर्ष स्कूबा डाइविंग व कयाकिंग स्थल।

अगत्ती अगत्ती द्वीप एवं हवाई पट्टी (Airstrip)

अगत्ती द्वीप एवं हवाई पट्टी (Airstrip)

लक्षद्वीप का प्रवेश द्वार, दोनों ओर नीले समुद्र से घिरी भारत की सबसे खूबसूरत हवाई पट्टी, ग्लास बॉटम बोट सफारी और कछुआ देखना।

मिनिकॉय मिनिकॉय द्वीप एवं 1885 ब्रिटिश लाइटहाउस

मिनिकॉय द्वीप एवं 1885 ब्रिटिश लाइटहाउस

लक्षद्वीप का दक्षिणतम द्वीप, मालदीव जैसी महल (Mahl) भाषा व संस्कृति, 300 फीट ऊंचा ऐतिहासिक लाइटहाउस और पारंपरिक नौका दौड़ (जहाधानी)।

कवरत्ती कवरत्ती प्रशासनिक केंद्र एवं उजरा मस्जिद

कवरत्ती प्रशासनिक केंद्र एवं उजरा मस्जिद

राजधानी द्वीप, 17वीं सदी की लकड़ी पर अति-बारीक नक्काशीदार उजरा मस्जिद, मरीन एक्वेरियम और कोरल वॉच म्यूजियम।

कदमत कदमत द्वीप एवं वाटर स्पोर्ट्स संस्थान

कदमत द्वीप एवं वाटर स्पोर्ट्स संस्थान

8 किमी लंबा संकरा द्वीप, दोनों ओर विशाल प्रवाल लैगून, भारत का प्रमुख स्कूबा डाइविंग प्रशिक्षण केंद्र, स्नोर्कलिंग और विंडसर्फिंग।

कल्पेनी कल्पेनी द्वीप एवं तिलक्कम प्रवाल चट्टानें

कल्पेनी द्वीप एवं तिलक्कम प्रवाल चट्टानें

1847 के तूफान में बहकर आई विशाल प्रवाल चट्टानों (कोरल बोल्डर्स) का किनारा, कयाकिंग, कैनोइंग और उथले लैगून में रीफ वॉक।

जिले एवं क्षेत्रीय यात्रा डायरेक्टरी

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं सांस्कृतिक उद्भव

लक्षद्वीप (शाब्दिक अर्थ: 'एक लाख द्वीप') का उल्लेख 7वीं सदी के बौद्ध जातक कथाओं और संगम तमिल साहित्य में मिलता है। 7वीं सदी में हजरत उबैदुल्लाह ने यहाँ इस्लाम का प्रचार किया। 11वीं सदी में चोल सम्राट राजेंद्र चोल ने इन द्वीपों को अपने साम्राज्य में मिलाया। बाद में कन्नूर के अरक्कल राजवंश और टीपू सुल्तान का प्रभाव रहा। 1854 में अंग्रेजों ने द्वीपों पर नियंत्रण किया। 1956 में लक्षद्वीप को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।

भौगोलिक वैविध्य एवं प्रकृति व वन्यजीव

लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है जिसका कुल भूमि क्षेत्रफल मात्र 32 वर्ग किमी है, परंतु इसका विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) 4,00,000 वर्ग किमी में फैला है। यह 36 कोरल एटोल (Coral Atolls) से बना है, जो समुद्र के नीचे डूबे ज्वालामुखी शिखरों के चारों ओर मूंगे के कीड़ों (Polyp) द्वारा कैल्शियम कार्बोनेट जमा करने से लाखों वर्षों में बने हैं। मिनिकॉय को मुख्य द्वीप समूह से '9 डिग्री चैनल' (Nine Degree Channel) अलग करता है।

स्थानीय परंपराएं, उत्सव व खानपान

उत्तरी और मध्य द्वीपों में मलयाली मूल की संस्कृति और जेसरी बोली बोली जाती है, जबकि दक्षिणतम मिनिकॉय में मालदीवियन मूल की 'महल' भाषा और मातृसत्तात्मक व्यवस्था है। 'कोलकाली' (लाठी नृत्य) और 'परीचकली' (ढाल-तलवार नृत्य) यहाँ के प्रमुख लोकनृत्य हैं। ताजी टूना मछली (स्किपजैक टूना), नारियल का दूध, राइस पुट्टू, मुस कबाब और सूखी टूना (मास मिन) लक्षद्वीप के मुख्य आहार हैं।

यात्रा योजना: कैसे पहुँचें एवं उपयोगी सुझाव

लक्षद्वीप की यात्रा के लिए भारत सरकार द्वारा अधिकृत एंट्री परमिट (e-Permit: epermit.utl.gov.in) लेना अनिवार्य है, जो कोच्चि के लक्षद्वीप प्रशासन द्वारा जारी किया जाता है। अगत्ती के लिए कोच्चि से एयर इंडिया की सीधी दैनिक उड़ानें हैं। पर्यावरण की सुरक्षा हेतु प्लास्टिक का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है और कोरल को छूना या तोड़ना कड़ा दंडनीय अपराध है।

प्रमुख कनेक्टिविटी:
  • हवाई मार्ग: अगत्ती हवाई अड्डा (AGX - समुद्र के बीच बनी हवाई पट्टी)
  • रेल मार्ग: कोच्चि (केरल) से यात्री जलपोत (14-18 घंटे) या सीधी 1.5 घंटे की उड़ान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रवाल एटोल (Coral Atoll) क्या होते हैं और लक्षद्वीप कैसे बना?

एटोल अंगूठी के आकार की प्रवाल भित्ति होती है जो एक केंद्रीय लैगून को घेरे रहती है। लाखों वर्ष पूर्व जब समुद्र के भीतर प्राचीन ज्वालामुखी डूबे, तो उनके किनारों पर मूंगे के सूक्ष्म जीवों (कोरल पॉलिप्स) ने अपने चूने के खोल जमा किए, जिससे ये सुंदर प्रवाल द्वीप और उथले लैगून बने।

लक्षद्वीप जाने के लिए परमिट कैसे प्राप्त करें?

भारतीय नागरिकों को भी लक्षद्वीप जाने हेतु अधिकृत परमिट चाहिए। इसके लिए कोच्चि स्थित टूर ऑपरेटरों के माध्यम से या आधिकारिक पोर्टल पर पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और पहचान पत्र अपलोड करके 15 दिन पूर्व परमिट प्राप्त किया जा सकता है।

मिनिकॉय द्वीप (Minicoy) शेष लक्षद्वीप से अलग क्यों है?

मिनिकॉय भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से मालदीव के अत्यंत निकट है। यहाँ की भाषा 'महल' (Mahl) है जो मालदीव की दिवेही भाषा की लिपि (थाना लिपि) में लिखी जाती है। यहाँ का समाज पूर्णतः मातृसत्तात्मक है जहाँ पति विवाह के बाद पत्नी के घर (अवा) में रहता है।

लक्षद्वीप में स्कूबा डाइविंग का सबसे अच्छा अनुभव कहाँ मिलता है?

बंगाराम और कदमत द्वीप विश्व के शीर्ष डाइविंग स्पॉट्स में गिने जाते हैं। यहाँ पानी की दृश्यता 30 से 45 मीटर तक होती है, जहाँ मंटा रे, हॉक्सबिल कछुए, रीफ शार्क और बहुरंगी कोरल गार्डन आसानी से देखे जा सकते हैं।