व्हाइट टाउन (फ्रेंच क्वार्टर) एवं प्रोमेनेड बीच
फ्रांसीसी औपनिवेशिक शैली की पीली हवेलियां, बोगनवेलिया के फूल, फ्रेंच स्ट्रीट नाम (Rue Dumas, Rue Suffren), और 1.5 किमी लंबा रॉकी प्रोमेनेड तट।
बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर फ्रेंच औपनिवेशिक वास्तुकला से सजी पीली हवेलियां, महर्षि अरबिंदो और श्री मां की तपोभूमि, 'वैश्विक नगरी' ऑरोविले का स्वर्णिम मातृमंदिर और शांत समुद्र तटों से अलंकृत पुदुचेरी भारत की फ्रेंच खिड़की है।
फ्रांसीसी औपनिवेशिक शैली की पीली हवेलियां, बोगनवेलिया के फूल, फ्रेंच स्ट्रीट नाम (Rue Dumas, Rue Suffren), और 1.5 किमी लंबा रॉकी प्रोमेनेड तट।
1968 में श्री मां द्वारा स्थापित 50+ देशों के नागरिकों की 'वैश्विक नगरी', 56 किलो सोने के पत्तरों से ढका मातृमंदिर का ध्यान कक्ष और अखंड मौन।
1926 में महर्षि अरबिंदो और मीरा अल्फासा (श्री मां) द्वारा स्थापित आध्यात्मिक केंद्र, जहाँ दोनों महापुरुषों की समाधि पर अखंड शांति और पुष्प अर्पित होते हैं।
चुनंबर नदी के बैकवाटर्स से 15 मिनट की बोट राइड द्वारा पहुँचने वाला द्वीप जैसा सुनहरी रेत का शांत बीच, वाटर स्पोर्ट्स और डॉल्फ़िन दर्शन।
ईसा पूर्व दूसरी सदी का ऐतिहासिक पुरातात्विक बंदरगाह, जहाँ रोमन साम्राज्य के साथ मनके, वाइन के एम्फोरा जार और रेशम का समुद्री व्यापार होता था।
63 नयनारों में विदुषी संत कराईकल अम्माईयार का मंदिर, वार्षिक आम महोत्सव (मांगनी तिरुविझा) और बंगाल की खाड़ी का शांत समुद्र तट।
पुदुचेरी का इतिहास 1674 ई. में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा फ्रेंकोइस मार्टिन के नेतृत्व में एक व्यापारिक केंद्र स्थापित करने से आरंभ हुआ। यह लगभग 300 वर्षों तक फ्रेंच भारत (French India) की राजधानी रहा। 1910 में महर्षि अरबिंदो ने ब्रिटिश सरकार के उत्पीड़न से बचकर यहाँ शरण ली और 'पूर्ण योग' (Integral Yoga) का वैश्विक दर्शन दिया। 1 नवंबर 1954 को फ्रांसीसी शासन शांतिपूर्ण जनमत संग्रह द्वारा भारत को हस्तांतरित हुआ और 1962 में इसका औपचारिक विलय हुआ।
पुदुचेरी भारत का एक अत्यंत विशिष्ट केंद्र शासित प्रदेश है क्योंकि इसके 4 जिले तीन अलग-अलग राज्यों में बिखरे हुए हैं: पुदुचेरी और कराईकल (तमिलनाडु के तट पर), माहे (केरल के मालाबार तट पर अरब सागर से सटा हुआ), और यानम (आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास गोदावरी नदी के डेल्टा पर)। पुदुचेरी शहर नहर (Canal) द्वारा दो भागों में बंटा है: समुद्र की ओर फ्रेंच टाउन (व्हाइट टाउन) और पश्चिम की ओर पारंपरिक तमिल टाउन।
पुदुचेरी में फ्रेंच परिष्कार और तमिल आध्यात्मिकता का अनूठा समन्वय है। यहाँ की पुलिस आज भी पारंपरिक फ्रेंच लाल 'केपी' (Kepi) टोपी पहनती है। फ्रांसीसी वास्तुकला की ऊंची खिड़कियां और चारदीवारी के अंदर आंगन (Patio) देखने योग्य हैं। क्रोइसैंट, बैगूएट ब्रेड, फ्रेंच क्रेप्स, कैफे औ लेट के साथ-साथ पारंपरिक चेट्टीनाड डोसा, सी-फूड करी और ऑरोविले की जैविक बेकरी यहाँ के खानपान के आकर्षण हैं।
पुदुचेरी भ्रमण के लिए अक्टूबर से मार्च का मौसम सबसे उत्तम है। चेन्नई हवाई अड्डे से ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) होकर पुदुचेरी की 3 घंटे की ड्राइव भारत के सबसे खूबसूरत तटीय ड्राइवों में से एक है। व्हाइट टाउन में विंटेज साइकिल या स्कूटी किराए पर लेकर घूमना सबसे आनंददायक तरीका है। ऑरोविले के मातृमंदिर के आंतरिक ध्यान कक्ष में जाने हेतु कम से कम 2-3 दिन पूर्व ऑनलाइन बुकिंग आवश्यक है।
ऑरोविले की स्थापना 28 फरवरी 1968 को महर्षि अरबिंदो की आध्यात्मिक सहयोगी 'श्री मां' (मीरा अल्फासा) द्वारा यूनेस्को के समर्थन से की गई थी। यह एक प्रायोगिक वैश्विक नगर है जहाँ किसी भी देश, जाति या धर्म के लोग शांति और प्रगतिशील सद्भाव के साथ रह सकते हैं। इसके केंद्र में स्थित 'मातृमंदिर' मौन ध्यान का वैश्विक प्रतीक है।
पुदुचेरी के 4 जिले भौगोलिक रूप से जुड़े हुए नहीं हैं: 1. पुदुचेरी (तमिलनाडु तट), 2. कराईकल (तमिलनाडु तट), 3. माहे (केरल के कन्नूर-कोझिकोड सीमा पर), और 4. यानम (आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में)।
पुदुचेरी से 4 किमी दूर अरिकामेडु ईसा पूर्व पहली सदी से दूसरी सदी तक एक प्रमुख इंडो-रोमन व्यापारिक बंदरगाह था। यहाँ सर मॉर्टिमर व्हीलर द्वारा किए गए उत्खनन में रोमन साम्राज्य के वाइन के बर्तन (Amphorae), रोमन सिक्के और रत्नों के मनके मिले थे, जो प्राचीन भारत के समुद्री व्यापार को सिद्ध करते हैं।
व्हाइट टाउन की इमारतें फ्रांसीसी नियो-क्लासिकल शैली में बनी हैं। इनकी दीवारें चमकीले पीले, मस्टर्ड और सफेद रंगों से रंगी हैं, खिड़कियों पर काष्ठ शटर हैं, मेहराबदार द्वार हैं और दीवारों पर बोगनवेलिया के फूलों की लताएं लटकी रहती हैं।