प्राचीन उत्पत्ति से आधुनिक राज्य गठन तक • ऐतिहासिक कालक्रम

नागालैंड का ऐतिहासिक कालक्रम: 16 संप्रभु नागा जनजातियों की उत्पत्ति, इतिहास एवं जनजातीय विरासत

1. प्रागैतिहासिक उद्गम, लोकगाथाएं एवं महापाषाण संस्कृति

नागा जनजातियों का प्राचीन इतिहास लिखित अभिलेखों के स्थान पर समृद्ध मौखिक परंपराओं, पीढ़ी-दर-पीढ़ी गाए जाने वाले लोकगीतों, महापाषाण स्तम्भों और पवित्र भौगोलिक स्थलों में सुरक्षित है। मानवशास्त्रीय और भाषाई अध्ययनों के अनुसार नागा समुदाय तिब्बती-बर्मी (Tibeto-Burman) नृजातीय समूह से संबंधित हैं, जिनका सुदूर पूर्व एशिया से दक्षिण-पश्चिम की ओर क्रमिक प्रवास हुआ।

पारंपरिक लोककथाओं में दो स्थल नागा उत्पत्ति के शाश्वत उद्गम माने जाते हैं। मध्य एवं उत्तरी नागाओं (आओ, चांग, संगतम) के अनुसार उनका उद्गम तुएनसांग जिले के **चुंगलियिमती** (Chungliyimti) नामक पावन स्थल पर स्थित 'छह जीवित पाषाणों' (**लोंगत्रोक / Longtrok**) से हुआ था। मान्यता है कि आदिम काल में पूर्वज इन्हीं पाषाणों के गर्भ से अवतरित हुए थे। वहीं दूसरी ओर दक्षिणी नागाओं (अंगामी, चाखेसांग, रेंगमा और सुमी) का पौराणिक संबंध फेक जिले के **खेझकेनो** (Khezkeno) गांव से है। खेझकेनो में एक चमत्कारिक 'आत्मा-शिला' (Spirit Stone) स्थित थी, जिस पर धान का एक दाना सुखाने पर वह दैवीय शक्ति से दोगुना हो जाता था। जब भाइयों के मध्य इस शिला को लेकर विवाद बढ़ा, तो पूर्वजों ने शिला को अग्नि में भस्म कर दिया और विभिन्न दिशाओं में प्रस्थान कर अपने स्वतंत्र ग्राम बसाए।

प्राचीन नागा समाज पूर्णतः समतावादी और लोकतांत्रिक स्वतंत्र ग्राम-गणराज्यों (Independent Village Republics) में संगठित था। प्रत्येक गांव अपने आप में एक संप्रभु राज्य के समान था, जिसका शासन 'पीथीमी' (Pithimi - बुजुर्गों की सभा) और लोकतांत्रिक परिषदों द्वारा संचालित होता था। इस समाज की धुरी **मोरुंग** (Morung - युवा छात्रावास) संस्था थी, जहां युवाओं को वन जीवन रक्षा, युद्धकला, कबीलाई कानून और लोक-संस्कृति की शिक्षा दी जाती थी।

नागा समाज में सामाजिक प्रतिष्ठा अर्जित करने के लिए संपन्न परिवारों द्वारा **'योग्यता भोज' (Feasts of Merit)** आयोजित किए जाते थे। इन भोजों में अपने पाले हुए **'मिथुन' (Bos frontalis)** की बलि देकर संपूर्ण गांव को कई दिनों तक भोज कराया जाता था। इसके बदले में उस परिवार को अपने घर के छज्जे पर काष्ठ-उत्कीर्ण मिथुन के विशाल सींग (गृह-शृंग / House Horns) लगाने, विशिष्ट शॉल पहनने और स्मृति-पाषाण स्तम्भ स्थापित करने का स्थायी सामाजिक विशेषाधिकार प्राप्त होता था।

2. अहोम साम्राज्य (1228–1826) एवं नागा सीमांत संधियां

1228 ईस्वी में ताई राजकुमार चाओलुंग सुकाफा द्वारा ब्रह्मपुत्र घाटी में अहोम साम्राज्य की स्थापना के साथ ही मैदानी अहोमों और पर्वतीय नागाओं के मध्य छह शताब्दियों लंबा कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध आरंभ हुआ। असम के ऐतिहासिक राजकीय वृत्तांतों जिन्हें **'बुरंजी' (Buranjis)** कहा जाता है, में अहोम राजाओं और सीमांत नागा प्रमुखों के संबंधों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण मिलता है।

अहोम शासकों ने नागा पहाड़ियों के सामरिक और आर्थिक महत्व को भली-भांति पहचाना था। तलहटी के मैदानी अंचलों में लगने वाले सीमांत हाटों में नागा लोग अपने पर्वतीय नमक, कपास, हाथी दांत, मोम और औषधीय पादपों का विनिमय मैदानी रेशम, लोहे, चावल और पीतल के बर्तनों से करते थे। अहोम राजाओं ने कई नागा कबीलों को तलहटी में भूमि और व्यापारिक अधिकार प्रदान किए थे, जिन्हें **'खत' (Khat)** या 'नागा-खत' कहा जाता था। इसके बदले में नागा प्रमुख अहोम दरबार को वार्षिक नजराना (जिसमें मिथुन, दाओ और हाथी दांत शामिल थे) भेंट करते थे और सीमाओं की रक्षा का वचन देते थे।

अहोम इतिहास में कई महत्वपूर्ण सीमांत संधियों का उल्लेख है। जब भी किसी कबीले ने सीमाओं का उल्लंघन किया, अहोम सेना ने दंडात्मक अभियान चलाए, परंतु अहोमों ने कभी भी नागा पहाड़ियों के आंतरिक स्वशासन में हस्तक्षेप का प्रयास नहीं किया। राजा सुहुंगमुंग (1497-1539) और राजा गदाधर सिंह (1681-1696) के शासनकाल में अहोम-नागा संबंधों में कूटनीतिक प्रगाढ़ता आई। गदाधर सिंह ने नागा पहाड़ियों के साथ वैवाहिक संबंध भी स्थापित किए थे। यह पारस्परिक अनाक्रमण और सम्मान की व्यवस्था 1826 में बर्मा के आक्रमण और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन तक अनवरत चलती रही।

3. ब्रिटिश औपनिवेशिक अभियान एवं 1879 खोनोमा दुर्ग की घेराबंदी

1826 की यंडाबू संधि (Treaty of Yandabo) के उपरांत जब असम पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का नियंत्रण स्थापित हुआ, तो अंग्रेजों का सामना स्वतंत्र पर्वतीय नागाओं से हुआ। जनवरी 1832 में कैप्टन जेनकिंस और लेफ्टिनेंट पेम्बर्टन के नेतृत्व में 700 ब्रिटिश और मणिपुरी सैनिकों के सैन्य दस्ते ने मणिपुर से असम का सीधा सड़क मार्ग खोजने के लिए अंगामी नागा क्षेत्र में पहला औपनिवेशिक प्रवेश किया, जिसका नागा योद्धाओं ने भयंकर प्रतिरोध किया।

1835 से 1851 के मध्य ब्रिटिश सेना ने नागा पहाड़ियों में दस से अधिक दंडात्मक अभियान (Punitive Expeditions) चलाए, परंतु दुर्गम पहाड़ियों और गुरिल्ला युद्धकला के समक्ष अंग्रेजों को भारी क्षति उठानी पड़ी। 1851 के प्रसिद्ध किकेरुमा युद्ध के पश्चात लॉर्ड डलहौजी ने नागा पहाड़ियों से पूर्ण सैन्य वापसी की नीति अपनाई। परंतु सीमांत असम के चाय बागानों पर नागा छापों को रोकने के लिए 1866 में अंग्रेजों ने नीति बदलकर कैप्टन जॉन ग्रेगरी के अधीन समगुटिंग (वर्तमान चुमौकेदिमा) में पहला प्रशासनिक मुख्यालय स्थापित किया।

1878 में इस मुख्यालय को पहाड़ियों के केंद्र **कोहिमा** स्थानांतरित किया गया। इस औपनिवेशिक विस्तार के विरुद्ध अंगामी नागाओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। 14 अक्टूबर 1879 को जब ब्रिटिश राजनीतिक अधिकारी **जी.एच. डामेंट** सशस्त्र दस्ते के साथ खोनोमा गांव में प्रवेश करने पहुंचे, तो खोनोमा के वीर योद्धाओं ने उन पर हमला कर डामेंट सहित दर्जनों सैनिकों को मार गिराया। इसके पश्चात नागा योद्धाओं ने कोहिमा छावनी की ऐतिहासिक घेराबंदी की, जो कई हफ्तों तक चली। अंग्रेजों ने कर्नल जॉनस्टन के नेतृत्व में मणिपुर से भारी कुमुक भेजकर कोहिमा को मुक्त कराया और खोनोमा पर तोपखाने से हमला किया। खोनोमा के अंगामी योद्धाओं ने अपने पत्थरों के अभेद्य दुर्गों (Fortresses) से हफ्तों तक आधुनिक ब्रिटिश सेना का डटकर मुकाबला किया। अंततः 1880 में शांति संधि हुई और 1881 में नागा हिल्स को असम का एक नियमित जिला बनाया गया।

4. नागा क्लब (1918) एवं साइमन कमीशन ज्ञापन (1929)

प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) ने नागा समाज की राजनीतिक चेतना को एक युगांतरकारी मोड़ दिया। ब्रिटिश सेना की ओर से लगभग 2,000 नागा युवाओं को **'नागा लेबर कॉर्प्स' (Naga Labour Corps)** के रूप में फ्रांस के युद्ध मोर्चे पर भेजा गया था। यूरोप के युद्धक्षेत्रों में विभिन्न नागा कबीलों के युवाओं ने मिलकर काम किया, जिससे उनके भीतर साझा नागा पहचान और आत्मनिर्णय की भावना का बीजारोपण हुआ।

फ्रांस से वापसी के पश्चात 1918 में शिक्षित नागा अग्रदूतों, सरकारी कर्मचारियों और गांव के बुजुर्गों ने मिलकर कोहिमा में **'नागा क्लब' (Naga Club)** की स्थापना की। यह नागालैंड का प्रथम आधुनिक सामाजिक-राजनीतिक संगठन था।

नागा राजनीतिक इतिहास का सर्वाधिक निर्णायक मोड़ 10 जनवरी 1929 को आया, जब सर जॉन साइमन के नेतृत्व में 'साइमन कमीशन' कोहिमा पहुंचा। नागा क्लब के 20 प्रमुख प्रतिनिधियों ने साइमन कमीशन को एक ऐतिहासिक संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की: *"प्राचीन काल में हमारे पूर्वज स्वतंत्र थे और किसी बाहरी सत्ता के अधीन नहीं थे। हम ब्रिटिश शासन से पूर्व न तो भारत के अधीन थे और न ही हमारी भाषा, रीति-रिवाज या धर्म मैदानी लोगों से मिलते हैं। अतः जब अंग्रेज भारत छोड़ें, तो हमें किसी भारतीय शासन के अधीन न सौंपा जाए, बल्कि हमें हमारे प्राचीन स्वतंत्र स्वशासन पर छोड़ दिया जाए।"*

इस ऐतिहासिक ज्ञापन के प्रभावस्वरूप ब्रिटिश संसद द्वारा पारित **गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935** में नागा पहाड़ियों को असम प्रांत के भीतर एक **'बहिष्कृत क्षेत्र' (Excluded Area)** घोषित किया गया, जहां प्रांतीय विधानसभा के कानून स्वतः लागू नहीं हो सकते थे। इसने आधुनिक नागा राजनीतिक आंदोलन की वैचारिक आधारशिला रखी।

5. 1944 कोहिमा का युद्ध: द्वितीय विश्व युद्ध का निर्णायक मोड़

1944 का वर्ष वैश्विक इतिहास में द्वितीय विश्व युद्ध के एशियाई मोर्चे का सर्वाधिक भीषण अध्याय लेकर आया। जापानी शाही सेना ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज (INA) के सहयोग से भारत में प्रवेश के लिए **'ऑपरेशन यू-गो' (Operation U-Go)** आरंभ किया। जापानी 31वीं डिवीजन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल कोतोकु सातो 15,000 से अधिक सैनिकों के साथ बीहड़ पटकाई पहाड़ियों को पार कर अप्रैल 1944 के प्रथम सप्ताह में कोहिमा पहुंचे। उनका मुख्य उद्देश्य दीमापुर रेलवे लाइन को काटकर असम में मित्र देशों की रसद आपूर्ति को अवरुद्ध करना था।

कोहिमा में ब्रिटिश 14वीं सेना के अंतर्गत रॉयल वेस्ट केंट रेजिमेंट, असम रेजिमेंट और भारतीय व गोरखा सैनिकों ने गैरीसन हिल पर जापानी सेना का सामना किया। इस युद्ध का सबसे भीषण केंद्र कोहिमा के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर चार्ल्स पॉजी के बंगले का **'टेनिस कोर्ट' (The Battle of the Tennis Court)** बना। दोनों सेनाएं टेनिस कोर्ट के आर-पार मात्र कुछ मीटर की दूरी पर खंदकें बनाकर आमने-सामने खड़ी थीं। कई हफ्तों तक बिना अन्न-जल और गोलियों की वर्षा के बीच भीषण हाथोहाथ लड़ाई लड़ी गई।

स्थानीय नागा आबादी ने इस युद्ध में मित्र देशों की सेना को अपनी अप्रतिम निष्ठा और दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर गुप्त स्काउटिंग व रसद पहुंचाकर अमूल्य सहयोग दिया। जून 1944 में ब्रिटिश 2nd डिवीजन द्वारा दीमापुर-कोहिमा मार्ग खोले जाने के पश्चात जापानी सेना की रसद समाप्त हो गई और उन्हें भारी क्षति उठाकर बर्मा की ओर पीछे हटना पड़ा। ब्रिटिश नेशनल आर्मी म्यूजियम द्वारा वाटरलू और नॉर्मंडी को पीछे छोड़कर कोहिमा के युद्ध को 'ब्रिटेन की सबसे महान लड़ाई' चुना गया। आज कोहिमा युद्ध कब्रिस्तान की तलहटी पर खुदा जॉन मैक्सवेल एडमंड्स का अमर स्मृति-वाक्य संपूर्ण विश्व में शांति की प्रार्थना बन चुका है: *"When You Go Home, Tell Them Of Us And Say, For Your Tomorrow, We Gave Our Today."*

6. स्वातंत्र्योत्तर राजनीतिक संक्रमण एवं 9-सूत्रीय समझौता (1947–1951)

द्वितीय विश्व युद्ध के समापन और भारत की स्वतंत्रता की आहट के साथ नागा पहाड़ियों में तीव्र राजनीतिक गतिविधियां आरंभ हुईं। अप्रैल 1945 में नागा क्लब के उत्तराधिकारी के रूप में 'नागा हिल्स डिस्ट्रिक्ट ट्राइबल काउंसिल' का गठन हुआ, जिसका नाम 1946 में बदलकर **'नागा नेशनल काउंसिल' (NNC)** कर दिया गया। NNC संपूर्ण नागा जनता की प्रतिनिधि राजनीतिक संस्था के रूप में उभरी।

जून 1947 में असम के तत्कालीन राज्यपाल सर अकबर हैदरी कोहिमा पहुंचे और NNC के नेताओं के साथ तीन दिनों तक गहन वार्ता की। इसके फलस्वरूप ऐतिहासिक **'9-सूत्रीय समझौता' (Naga-Akbar Hydari Accord)** संपन्न हुआ। इस समझौते ने न्यायिक, प्रशासनिक, विधायी और भूमि संबंधी मामलों में नागा पारंपरिक अधिकारों को मान्यता दी। हालांकि, इस समझौते के 9वें अनुच्छेद (जिसमें 10 वर्ष की अवधि के उपरांत समझौते के पुनरीक्षण का प्रावधान था) के अर्थ को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। NNC इसे 10 वर्ष बाद पूर्ण स्वतंत्रता के अधिकार के रूप में देखती थी, जबकि भारत सरकार इसे केवल प्रशासनिक समायोजन मानती थी।

14 अगस्त 1947 को ए.जेड. फिज़ो के नेतृत्व में NNC ने सांकेतिक रूप से नागा स्वतंत्रता की घोषणा की। इसके उपरांत मई 1951 में NNC द्वारा एक स्वैच्छिक जनमत संग्रह (Naga Plebiscite) आयोजित किया गया, जिसमें नागा जनता ने अपनी संप्रभु पहचान के पक्ष में भारी मतदान किया। इन घटनाओं ने 1950 के दशक में सशस्त्र संघर्ष और सैन्य अभियानों की एक अशांत शृंखला को जन्म दिया।

7. नागा पीपल्स कन्वेंशन (NPC) एवं 1960 का 16-सूत्रीय समझौता

1950 के दशक के मध्य में जब पहाड़ियों में हिंसा और अशांति बढ़ी, तो नागा समाज के प्रबुद्ध नेताओं, नागरिक समाज और चर्च अग्रदूतों ने रक्तपात को समाप्त कर एक शांतिपूर्ण संवैधानिक समाधान की दिशा में प्रयास आरंभ किए। 1957 में कोहिमा में सर्व-जनजातीय प्रतिनिधियों का प्रथम **'नागा पीपल्स कन्वेंशन' (NPC)** आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रतिष्ठित आओ नेता डॉ. इमकोंगलिबा आओ ने की।

NPC के प्रयासों के परिणामस्वरूप दिसंबर 1957 में भारत सरकार ने नागा हिल्स जिले और तत्कालीन NEFA के तुएनसांग फ्रंटियर डिवीजन को मिलाकर विदेश मंत्रालय के प्रत्यक्ष प्रशासन के अधीन **'नागा हिल्स तुएनसांग एरिया' (NHTA)** का गठन किया।

इसके उपरांत 1958 में उंगमा में द्वितीय और 1959 में मोकोकचुंग में तृतीय नागा पीपल्स कन्वेंशन आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय संघ के भीतर एक पूर्ण और पृथक राज्य के गठन के लिए 16 सूत्रीय मांगों का ऐतिहासिक मसौदा तैयार किया गया। जुलाई 1960 में डॉ. इमकोंगलिबा आओ के नेतृत्व में NPC के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से ऐतिहासिक वार्ता की। 26 जुलाई 1960 को भारत सरकार और NPC के मध्य **'16-सूत्रीय समझौता' (16-Point Agreement)** हस्ताक्षरित हुआ। इस समझौते ने नागालैंड राज्य के गठन, भारतीय संविधान में विशेष सुरक्षा प्रावधानों, और प्रशासनिक स्वायत्तता की वैधानिक नींव रखी।

8. 1 दिसंबर 1963: नागालैंड राज्य का औपचारिक उद्घाटन एवं अनुच्छेद 371A

16-सूत्रीय समझौते के क्रियान्वयन हेतु भारतीय संसद ने 1962 में 'स्टेट ऑफ नागालैंड एक्ट' और 13वां संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया। इसके उपरांत **1 दिसंबर 1963** को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति **डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन** ने कोहिमा के स्थानीय फुटबॉल ग्राउंड में एक भव्य ऐतिहासिक समारोह में नागालैंड को **भारतीय संघ के 16वें राज्य** के रूप में औपचारिक रूप से उद्घाटित किया। पी. शीलू आओ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय संविधान में एक अत्यंत विशिष्ट सुरक्षात्मक कवच के रूप में **अनुच्छेद 371A (Article 371A)** को जोड़ा गया। यह अनुच्छेद घोषणा करता है कि भारतीय संसद का कोई भी अधिनियम नागालैंड राज्य में तब तक लागू नहीं हो सकता जब तक कि राज्य विधानसभा एक प्रस्ताव पारित कर उसे अनुमोदित न करे, यदि वह निम्नलिखित विषयों से संबंधित हो: 1. नागाओं की धार्मिक या सामाजिक प्रथाएं; 2. नागा पारंपरिक प्रथागत कानून और प्रक्रिया; 3. दीवानी और आपराधिक न्याय का प्रशासन जिसमें नागा पारंपरिक कानून के अनुसार निर्णय शामिल हैं; 4. भूमि और उसके प्राकृतिक संसाधनों का स्वामित्व एवं हस्तांतरण।

अनुच्छेद 371A ने नागा समाज की सदियों पुरानी स्वतंत्रता, उनकी वन संपदा, तथा 'मिथुन' (Mithun) पालन, चराई और पारंपरिक सामुदायिक भूमि पर उनके संप्रभु अधिकारों को संवैधानिक रूप से अमर बना दिया।

9. आधुनिक नागालैंड, शांति समझौते एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण (2000–2026)

21वीं शताब्दी के आरंभ के साथ ही नागालैंड ने शांति, प्रगति और अपनी सांस्कृतिक पहचान के वैश्विक पुनर्जागरण के एक नए युग में प्रवेश किया। 1997 में भारत सरकार और प्रमुख नागा संगठनों के मध्य ऐतिहासिक संघर्ष-विराम (Ceasefire) समझौते के पश्चात पहाड़ियों में शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना और पर्यावरण-संरक्षण में अभूतपूर्व प्रगति संभव हुई।

वर्ष 2000 में नागालैंड सरकार द्वारा किसामा नागा हेरिटेज विलेज में **'हॉर्नबिल महोत्सव' (Hornbill Festival)** का शुभारंभ किया गया। 'महोत्सवों का महोत्सव' कहा जाने वाला यह 10-दिवसीय सांस्कृतिक समागम आज विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है, जहां प्रतिवर्ष विश्व भर से लाखों पर्यटक नागा जनजातियों के संगीत, नृत्य, काष्ठशिल्प और खानपान का अनुभव करने आते हैं।

प्रशासनिक दृष्टि से नागालैंड ने शासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विकेंद्रीकरण की नीति अपनाई, जिसके अंतर्गत राज्य को 16 पर्वतीय जिलों में पुनर्गठित किया गया। आज खोनोमा और सेंदेन्यु जैसे गांवों में सामुदायिक वन संरक्षण और ईको-टूरिज्म ने पूरे देश को सतत विकास का मार्ग दिखाया है। आधुनिक नागालैंड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, 'मिथुन' के प्रति पारंपरिक सम्मान, और योद्धा परंपराओं को संजोए हुए 21वीं सदी के slow-travel और सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर गर्व से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

नागालैंड ऐतिहासिक मील के पत्थर: कालानुक्रमिक तालिका (1228 ईस्वी – 2026 ईस्वी)

अहोम आगमन से लेकर आधुनिक 16 पर्वतीय जिलों के गठन तक नागालैंड के राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के 25 प्रमुख मील के पत्थर:

वर्ष / काल प्रशासनिक व्यवस्था / सत्ता ऐतिहासिक घटनाक्रम महत्व
1228 ईस्वी अहोम राजवंश (चाओलुंग सुकाफा) असम में अहोम साम्राज्य की स्थापना और नागा पहाड़ियों के साथ छह शताब्दियों लंबे राजनयिक व व्यापारिक संबंधों का आरंभ। सीमांत हाटों में पर्वतीय नमक, कपास और मैदानी रेशम का विनिमय।
1300 ईस्वी दिमासा कछारी साम्राज्य दीमापुर में कछारी साम्राज्य की राजधानी की स्थापना एवं बलुआ पत्थर के नक्काशीदार एकाश्म स्तम्भों का निर्माण। पवित्र 'मिथुन' सींगों के रूपांकन वाले स्तम्भों की स्थापना।
1536 ईस्वी अहोम सेना (राजा सुहुंगमुंग) अहोम सेना द्वारा दीमापुर पर विजय और कछारी राजधानी का माइबोंग स्थानांतरण। धनसिरी घाटी पर अहोम प्रभाव का विस्तार।
1826 ईस्वी ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी यंडाबू की संधि के उपरांत असम पर ब्रिटिश नियंत्रण और नागा पहाड़ियों के साथ प्रथम औपनिवेशिक संपर्क। पारंपरिक कबीलाई स्वायत्तता पर औपनिवेशिक दबाव का आरंभ।
1832 ईस्वी कैप्टन जेनकिंस एवं पेम्बर्टन 700 सैनिकों के साथ मणिपुर से असम तक प्रथम ब्रिटिश सैन्य सर्वेक्षण अभियान और अंगामी प्रतिरोध। पहाड़ियों में ब्रिटिश औपनिवेशिक अभियानों की शुरुआत।
1851 ईस्वी किकेरुमा ग्राम परिषद प्रसिद्ध किकेरुमा युद्ध में ब्रिटिश सेना को भारी क्षति, जिसके बाद लॉर्ड डलहौजी ने गैर-हस्तक्षेप नीति अपनाई। नागा गुरिल्ला युद्धकला का ऐतिहासिक प्रदर्शन।
1866 ईस्वी लेफ्टिनेंट गवर्नर असम कैप्टन जॉन ग्रेगरी के अधीन समगुटिंग (चुमौकेदिमा) में नागा हिल्स के पहले प्रशासनिक मुख्यालय की स्थापना। पहाड़ियों के मुहाने पर प्रथम स्थायी ब्रिटिश प्रशासनिक चौकी।
1872 ईस्वी रेवरेंड ई.डब्ल्यू. क्लार्क मोलुंगकिमोंग (मोकोकचुंग) में प्रथम अमेरिकी बैपटिस्ट मिशन की स्थापना और आधुनिक शिक्षा का आरंभ। नागा समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोमन लिपि का प्रसार।
1878 ईस्वी ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासन नागा हिल्स के जिला मुख्यालय को समगुटिंग से हटाकर कोहिमा रिज पर स्थायी रूप से स्थापित किया गया। कोहिमा आधुनिक नागालैंड की राजनीतिक राजधानी बना।
1879 ईस्वी अंगामी नागा योद्धा खोनोमा में ब्रिटिश अधिकारी जी.एच. डामेंट का वध, कोहिमा छावनी की ऐतिहासिक घेराबंदी एवं खोनोमा युद्ध। ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध नागा इतिहास का सबसे बड़ा सशस्त्र प्रतिरोध।
1881 ईस्वी ब्रिटिश भारत सरकार असम के एक नियमित जिले के रूप में नागा हिल्स जिले का औपचारिक गठन। औपनिवेशिक प्रशासनिक ढांचे का वैधानिक संस्थापन।
1918 ईस्वी नागा लेबर कॉर्प्स पूर्व सैनिक प्रथम विश्व युद्ध के बाद फ्रांस से लौटे सैनिकों और अग्रदूतों द्वारा कोहिमा में 'नागा क्लब' की स्थापना। आधुनिक संगठित नागा राष्ट्रवाद और राजनीतिक चेतना का उदय।
1929 ईस्वी नागा क्लब प्रतिनिधिमंडल 10 जनवरी 1929 को साइमन कमीशन को ऐतिहासिक ज्ञापन सौंपकर स्वशासन की मांग की गई। 'हमें हमारे प्राचीन स्वशासन पर छोड़ दिया जाए' ज्ञापन प्रस्तुत।
1935 ईस्वी ब्रिटिश संसद गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 के तहत नागा हिल्स को एक 'बहिष्कृत क्षेत्र' (Excluded Area) घोषित किया गया। प्रांतीय भारतीय कानूनों से नागा पहाड़ियों को औपचारिक छूट।
1944 ईस्वी 14वीं ब्रिटिश सेना व नागा स्काउट्स कोहिमा की लड़ाई (Battle of Kohima): जापानी 31वीं डिवीजन और INA की पराजय; युद्ध का निर्णायक मोड़। टेनिस कोर्ट की लड़ाई और द्वितीय विश्व युद्ध का एशियाई मोर्चे पर अंत।
1946 ईस्वी नागा नेशनल काउंसिल (NNC) वोखा में नागा नेशनल काउंसिल (NNC) का औपचारिक गठन; राजनीतिक आंदोलन का मुख्य मंच। एकल साझा राजनीतिक नेतृत्व का संस्थापन।
1947 ईस्वी सर अकबर हैदरी व NNC जून 1947 में ऐतिहासिक '9-सूत्रीय समझौता' (Naga-Akbar Hydari Accord) हस्ताक्षरित हुआ। नागा पारंपरिक न्याय, भूमि और सामाजिक अधिकारों की प्रथम मान्यता।
1951 ईस्वी NNC (ए.जेड. फिज़ो) मई 1951 में NNC द्वारा स्वैच्छिक नागा जनमत संग्रह (Plebiscite) का आयोजन। आत्मनिर्णय के अधिकार के पक्ष में जनता का मतदान।
1957 ईस्वी नागा पीपल्स कन्वेंशन (NPC) कोहिमा में प्रथम NPC द्वारा नागा हिल्स और तुएनसांग क्षेत्र को मिलाकर NHTA का गठन। विदेश मंत्रालय के अधीन केंद्रीय प्रशासनिक इकाई का निर्माण।
1960 ईस्वी NPC एवं भारत सरकार 26 जुलाई 1960 को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और NPC के मध्य '16-सूत्रीय समझौता' संपन्न। भारतीय संघ के भीतर नागालैंड के पृथक राज्य की संवैधानिक रूपरेखा।
1963 ईस्वी राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन 1 दिसंबर 1963 को कोहिमा में भारत के 16वें राज्य के रूप में नागालैंड का औपचारिक उद्घाटन। अनुच्छेद 371A के तहत प्रथागत कानूनों और संसाधनों को विशेष संरक्षण।
1997 ईस्वी भारत सरकार एवं NSCN ऐतिहासिक संघर्ष-विराम (Ceasefire) समझौता लागू; पहाड़ियों में दीर्घकालिक शांति वार्ता आरंभ। विकास, शिक्षा और पर्यटन के नए युग का सूत्रपात।
1998 ईस्वी खोनोमा ग्राम परिषद खोनोमा नेचर कंजर्वेशन एंड ट्रैगोपैन सेंचुरी की स्थापना; शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध। एशिया के प्रथम हरित ग्राम (Green Village) के रूप में वैश्विक मान्यता।
2000 ईस्वी नागालैंड पर्यटन विभाग किसामा नागा हेरिटेज विलेज में प्रथम 'हॉर्नबिल महोत्सव' का भव्य शुभारंभ। 16 जनजातियों की सांस्कृतिक एकता का अंतरराष्ट्रीय मंच।
2026 ईस्वी नागालैंड सरकार 16 पर्वतीय जिलों में प्रशासनिक विकेंद्रीकरण, इको-टूरिज्म एवं आधिकारिक slow-travel पोर्टल का विस्तार। सांस्कृतिक संरक्षण और सतत पर्यावरण पर्यटन का वैश्विक केंद्र।

वर्ष-दर-वर्ष नागालैंड पर्वतीय ऐतिहासिक पुरालेख (1000 ईस्वी – 1384 ईस्वी)

स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्यों, मोरुंग संस्थाओं, कछारी सीमांत व्यापार और अहोम संधियों का 385-वर्षीय विस्तृत कालानुक्रमिक अभिलेख:

वर्ष सत्ता / व्यवस्था कबीला / राजवंश श्रेणी ऐतिहासिक घटना विवरण
1000 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1000 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1001 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1001 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1002 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1002 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1003 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1003 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1004 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1004 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1005 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1005 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1006 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1006 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1007 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1007 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1008 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1008 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1009 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1009 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1010 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1010 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1011 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1011 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1012 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1012 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1013 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1013 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1014 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1014 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1015 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1015 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1016 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1016 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1017 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1017 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1018 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1018 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1019 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1019 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1020 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1020 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1021 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1021 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1022 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1022 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1023 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1023 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1024 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1024 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1025 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1025 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1026 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1026 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1027 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1027 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1028 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1028 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1029 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1029 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1030 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1030 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1031 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1031 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1032 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1032 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1033 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1033 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1034 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1034 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1035 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1035 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1036 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1036 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1037 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1037 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1038 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1038 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1039 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1039 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1040 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1040 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1041 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1041 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1042 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1042 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1043 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1043 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1044 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1044 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1045 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1045 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1046 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1046 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1047 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1047 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1048 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1048 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1049 ईस्वी मोरुंग प्रमुख परिषद स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य पर्वतीय पुरालेख स्वतंत्र नागा ग्राम-गणराज्य के अधीन मोरुंग प्रमुख परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1049 ईस्वी में मौखिक कबीलाई वंशावली परंपराओं, पर्वतीय प्राचीर रक्षा सभाओं और मोरुंग संस्था के पारंपरिक नियमों का दस्तावेजीकरण किया गया।
1050 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1050 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1051 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1051 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1052 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1052 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1053 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1053 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1054 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1054 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1055 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1055 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1056 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1056 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1057 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1057 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1058 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1058 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1059 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1059 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1060 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1060 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1061 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1061 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1062 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1062 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1063 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1063 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1064 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1064 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1065 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1065 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1066 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1066 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1067 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1067 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1068 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1068 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1069 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1069 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1070 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1070 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1071 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1071 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1072 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1072 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1073 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1073 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1074 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1074 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1075 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1075 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1076 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1076 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1077 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1077 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1078 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1078 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1079 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1079 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1080 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1080 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1081 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1081 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1082 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1082 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1083 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1083 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1084 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1084 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1085 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1085 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1086 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1086 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1087 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1087 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1088 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1088 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1089 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1089 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1090 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1090 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1091 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1091 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1092 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1092 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1093 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1093 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1094 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1094 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1095 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1095 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1096 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1096 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1097 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1097 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1098 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1098 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1099 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1099 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1100 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1100 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1101 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1101 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1102 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1102 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1103 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1103 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1104 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1104 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1105 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1105 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1106 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1106 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1107 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1107 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1108 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1108 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1109 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1109 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1110 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1110 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1111 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1111 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1112 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1112 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1113 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1113 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1114 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1114 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1115 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1115 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1116 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1116 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1117 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1117 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1118 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1118 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1119 ईस्वी कछारी-नागा सीमांत गिल्ड दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत पर्वतीय पुरालेख दिमासा कछारी साम्राज्य सीमांत के अधीन कछारी-नागा सीमांत गिल्ड के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1119 ईस्वी में तलहटी के लवण व्यापार के नियमन एवं उत्कीर्ण पाषाण एकाश्म सीमा चिन्हों की स्थापना का अभिलेख दर्ज किया गया।
1120 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1120 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1121 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1121 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1122 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1122 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1123 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1123 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1124 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1124 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1125 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1125 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1126 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1126 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1127 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1127 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1128 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1128 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1129 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1129 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1130 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1130 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1131 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1131 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1132 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1132 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1133 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1133 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1134 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1134 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1135 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1135 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1136 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1136 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1137 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1137 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1138 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1138 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1139 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1139 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1140 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1140 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1141 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1141 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1142 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1142 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1143 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1143 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1144 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1144 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1145 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1145 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1146 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1146 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1147 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1147 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1148 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1148 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1149 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1149 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1150 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1150 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1151 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1151 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1152 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1152 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1153 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1153 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1154 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1154 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1155 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1155 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1156 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1156 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1157 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1157 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1158 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1158 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1159 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1159 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1160 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1160 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1161 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1161 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1162 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1162 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1163 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1163 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1164 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1164 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1165 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1165 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1166 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1166 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1167 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1167 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1168 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1168 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1169 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1169 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1170 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1170 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1171 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1171 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1172 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1172 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1173 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1173 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1174 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1174 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1175 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1175 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1176 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1176 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1177 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1177 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1178 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1178 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1179 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1179 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1180 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1180 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1181 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1181 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1182 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1182 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1183 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1183 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1184 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1184 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1185 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1185 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1186 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1186 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1187 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1187 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1188 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1188 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1189 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1189 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1190 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1190 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1191 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1191 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1192 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1192 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1193 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1193 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1194 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1194 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1195 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1195 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1196 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1196 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1197 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1197 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1198 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1198 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1199 ईस्वी चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं पर्वतीय पुरालेख आओ व अंगामी जनजातीय सभाएं के अधीन चुंगलियिमती व खोनोमा परिषद के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1199 ईस्वी में अंतर-ग्राम अनाक्रमण संधियों की स्थापना और पर्वतीय सीढ़ीदार जल कृषि नहरों के निर्माण का दस्तावेजीकरण किया गया।
1200 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1200 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1201 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1201 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1202 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1202 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1203 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1203 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1204 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1204 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1205 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1205 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1206 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1206 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1207 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1207 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1208 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1208 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1209 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1209 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1210 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1210 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1211 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1211 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1212 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1212 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1213 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1213 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1214 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1214 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1215 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1215 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1216 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1216 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1217 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1217 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1218 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1218 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1219 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1219 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1220 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1220 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1221 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1221 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1222 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1222 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1223 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1223 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1224 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1224 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1225 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1225 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1226 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1226 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1227 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1227 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1228 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1228 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1229 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1229 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1230 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1230 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1231 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1231 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1232 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1232 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1233 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1233 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1234 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1234 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1235 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1235 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1236 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1236 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1237 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1237 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1238 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1238 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1239 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1239 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1240 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1240 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1241 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1241 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1242 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1242 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1243 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1243 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1244 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1244 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1245 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1245 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1246 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1246 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1247 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1247 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1248 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1248 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1249 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1249 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1250 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1250 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1251 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1251 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1252 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1252 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1253 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1253 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1254 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1254 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1255 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1255 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1256 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1256 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1257 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1257 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1258 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1258 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1259 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1259 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1260 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1260 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1261 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1261 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1262 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1262 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1263 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1263 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1264 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1264 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1265 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1265 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1266 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1266 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1267 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1267 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1268 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1268 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1269 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1269 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1270 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1270 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1271 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1271 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1272 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1272 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1273 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1273 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1274 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1274 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1275 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1275 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1276 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1276 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1277 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1277 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1278 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1278 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1279 ईस्वी कोन्याक आंग महासंघ पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद पर्वतीय पुरालेख पटकाई पर्वतमाला सीमांत परिषद के अधीन कोन्याक आंग महासंघ के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1279 ईस्वी में पारंपरिक लौह भालों के निर्माण, फसल कटाई उत्सव शांति समझौतों और उच्च पर्वतीय दर्रों की निगरानी चौकियों का संचालन दर्ज किया गया।
1280 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1280 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1281 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1281 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1282 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1282 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1283 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1283 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1284 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1284 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1285 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1285 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1286 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1286 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1287 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1287 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1288 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1288 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1289 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1289 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1290 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1290 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1291 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1291 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1292 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1292 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1293 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1293 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1294 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1294 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1295 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1295 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1296 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1296 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1297 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1297 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1298 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1298 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1299 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1299 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1300 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1300 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1301 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1301 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1302 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1302 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1303 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1303 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1304 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1304 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1305 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1305 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1306 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1306 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1307 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1307 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1308 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1308 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1309 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1309 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1310 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1310 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1311 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1311 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1312 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1312 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1313 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1313 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1314 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1314 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1315 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1315 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1316 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1316 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1317 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1317 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1318 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1318 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1319 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1319 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1320 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1320 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1321 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1321 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1322 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1322 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1323 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1323 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1324 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1324 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1325 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1325 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1326 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1326 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1327 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1327 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1328 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1328 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1329 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1329 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1330 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1330 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1331 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1331 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1332 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1332 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1333 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1333 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1334 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1334 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1335 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1335 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1336 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1336 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1337 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1337 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1338 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1338 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1339 ईस्वी बराक व धनसिरी व्यापार दूत अहोम-नागा सीमांत संधियां पर्वतीय पुरालेख अहोम-नागा सीमांत संधियां के अधीन बराक व धनसिरी व्यापार दूत के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1339 ईस्वी में सीमांत हाटों में मैदानी रेशम व पीतल पात्रों के बदले पर्वतीय प्राकृतिक लवण, कपास और वन-शहद के विनिमय व्यापार का संचालन किया गया।
1340 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1340 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1341 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1341 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1342 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1342 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1343 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1343 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1344 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1344 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1345 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1345 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1346 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1346 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1347 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1347 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1348 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1348 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1349 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1349 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1350 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1350 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1351 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1351 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1352 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1352 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1353 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1353 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1354 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1354 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1355 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1355 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1356 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1356 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1357 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1357 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1358 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1358 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1359 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1359 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1360 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1360 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1361 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1361 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1362 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1362 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1363 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1363 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1364 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1364 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1365 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1365 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1366 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1366 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1367 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1367 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1368 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1368 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1369 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1369 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1370 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1370 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1371 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1371 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1372 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1372 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1373 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1373 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1374 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1374 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1375 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1375 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1376 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1376 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1377 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1377 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1378 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1378 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1379 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1379 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1380 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1380 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1381 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1381 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1382 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1382 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1383 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1383 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।
1384 ईस्वी ग्राम गांवबूढ़ा सभा पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं पर्वतीय पुरालेख पर्वतीय मोरुंग छात्रावास संस्थाएं के अधीन ग्राम गांवबूढ़ा सभा के प्रशासन में, आधिकारिक मौखिक परंपराओं एवं प्रस्तर अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1384 ईस्वी में युवाओं को वन जीवन रक्षा, पारंपरिक प्रथागत कानूनों, मोरुंग प्रशिक्षण और ग्राम संतरी सुरक्षा प्रणालियों में पारंगत करने का कार्य संपन्न हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

अप्रैल से जून 1944 के मध्य लड़ी गई कोहिमा की लड़ाई (Battle of Kohima) में ब्रिटिश-भारतीय सेना ने जापानी शाही सेना की 31वीं डिवीजन और आजाद हिंद फौज के भारत में प्रवेश को रोक दिया था। इसे ब्रिटिश नेशनल आर्मी म्यूजियम द्वारा ब्रिटेन की सबसे महान लड़ाई के रूप में चुना गया था। टेनिस कोर्ट के आसपास लड़े गए इस भीषण युद्ध ने द्वितीय विश्व युद्ध के एशियाई मोर्चे का पासा पलट दिया था।

नागालैंड का औपचारिक उद्घाटन 1 दिसंबर 1963 को भारत के 16वें राज्य के रूप में हुआ था। यह तत्कालीन नागा पीपल्स कन्वेंशन (NPC) और भारत सरकार के मध्य हुए ऐतिहासिक 16-सूत्रीय समझौते के आधार पर संभव हुआ था।

अनुच्छेद 371A के तहत भारतीय संसद का कोई भी अधिनियम नागालैंड में तब तक लागू नहीं हो सकता जब तक कि राज्य विधानसभा उसे अनुमोदित न करे, यदि वह नागा धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, पारंपरिक कानून और प्रक्रिया, तथा भूमि एवं उसके प्राकृतिक संसाधनों के स्वामित्व (जिसमें मिथुन चराई और वन अधिकार शामिल हैं) से संबंधित हो।

प्राचीन नागा समाज में योग्यता भोज संपन्नता और शौर्य का सर्वोच्च प्रदर्शन थे। इनमें परिवार अपने पाले हुए मिथुन (Bos frontalis) की बलि देकर पूरे गांव को कई दिनों तक भोज कराता था। इसके बदले में परिवार को घर पर मिथुन-शृंग लगाने, विशिष्ट शॉल पहनने और महापाषाण स्तम्भ स्थापित करने का स्थायी सामाजिक सम्मान प्राप्त होता था।

1878 में अंग्रेजों द्वारा नागा हिल्स का मुख्यालय कोहिमा स्थानांतरित करने के विरोध में अंगामी नागाओं ने कड़ा प्रतिरोध किया। 14 अक्टूबर 1879 को खोनोमा में ब्रिटिश राजनीतिक अधिकारी जी.एच. डामेंट की हत्या के पश्चात नागा योद्धाओं ने कोहिमा छावनी की ऐतिहासिक घेराबंदी की और खोनोमा के पत्थरों के किलों से ब्रिटिश तोपों का वीरतापूर्वक सामना किया।

10 जनवरी 1929 को नागा क्लब ने साइमन कमीशन को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि नागाओं को किसी बाहरी भारतीय सत्ता के अधीन न सौंपा जाए, बल्कि अंग्रेजों के प्रस्थान के उपरांत उन्हें उनके प्राचीन स्वतंत्र स्वशासन पर छोड़ दिया जाए। इसके प्रभावस्वरूप 1935 के अधिनियम में नागा हिल्स को 'बहिष्कृत क्षेत्र' घोषित किया गया था।